रॉबर्ट वाड्रा ने कहा- अपनी लड़ाई लड़ने के लिए संसद जाना होगा, क्योंकि सरकार मुझे पंचिंग बैग समझ रही


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में उतरने और चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। बेनामी संपत्ति के मामले में लगातार दो दिन पूछताछ किए जाने के बाद उनका यह बयान आया है। वाड्रा ने कहा कि राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में न होने के बावजूद वे सियासी लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार जब भी मुश्किल में होती है, उन्हें पंचिंग बैग की तरह इस्तेमाल किया जाता है।

रॉबर्ट वाड्रा ने न्यूज एजेंसी IANS को गुरुवार को दिए इंटरव्यू में ये बातें कही हैं। वाड्रा ने लोकसभा चुनाव के दौरान रायबरेली और अमेठी में प्रचार किया था। यहां से सोनिया गांधी और राहुल गांधी चुनाव लड़े थे। मुरादाबाद में वाड्रा के लिए होर्डिंग्स भी लगाए गए। तब उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने अपना बचपन इस जगह पर बिताया है और यहां के लोग चाहते हैं कि वे यहां रहें।

राजनीति, राहुल और चुनाव पर वाड्रा का नजरिया

परिवार के लोगों ने देश के लिए जान दी: ‘मैं ऐसे परिवार से हूं, जो कई पीढ़ियों से इस देश की सेवा करता आया है। इस परिवार के लोगों ने देश के लिए जान दी है। मैंने उन्हें देखा है। उनसे सीखा है। मुझे लगता है कि मुझे इसी ताकत के साथ लड़ने के लिए संसद में जाना होगा।’

राजनीति नहीं की इसलिए परेशान किया: वे बोले, ‘अब मुझे लगता है कि मैंने लंबे समय तक बाहर से लड़ाई लड़ी है। मैंने खुद को समझाया, लेकिन लगातार वे मुझे परेशान करते रहे। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि मैं राजनीति में नहीं हूं। मैं हमेशा राजनीति से दूर रहा।’

चुनाव लड़ने का फैसला सही समय आने पर: वाड्रा ने चुनाव लड़ने पर कहा कि मैं एक ऐसी जगह देखूंगा, जहां के लोग मुझे वोट देंगे और मैं उन लोगों की जिंदगी में फर्क ला सकता हूं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें परिवार की रजामंदी भी जरूरी होगी। पूरा परिवार, खास तौर से प्रियंका हमेशा मेरे फैसलों का सपोर्ट करती हैं। मैं पूरे परिवार के बारे में बात कर रहा हूं। जब वे इसके लिए हां कह देंगे, तो मैं राजनीति में आ सकता हूं।

बेनामी संपत्ति के आरोप गलत: वाड्रा ने बेनामी संपत्ति के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ अफवाहें हैं। मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं है। वे जो कुछ भी कहते हैं, उसका कोई आधार नहीं है।

सरकार असल मुद्दों से भटकाना चाहती है: उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीतिक परिवार का हिस्सा हूं और इसलिए दूसरी पार्टियों से निपटना होगा। वे भी मेरे बारे में बात करते हैं। देश के लोग और मीडिया भी हमारा पक्ष जानना चाहते हैं। सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए मुझे जरिया बना रही है। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना फैला हुआ है। किसानों के मुद्दे हैं। वे प्रदर्शन कर रहे हैं। खुदकुशी कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सरकार सोचती है कि किसी एजेंसी को पूछताछ के लिए भेजना चाहिए। वे मुझसे वही सवाल पूछते हैं, जिनके मैं पहले जवाब दे चुका हूं।’

समस्या होने पर मुझे निशाना बनाते हैं: वाड्रा ने कहा, ‘जब भी ऐसे मुद्दे आते हैं, जिन पर सरकार जवाब नहीं देना चाहती, तो उसे लगता है कि इस मुद्दे से लोगों का ध्यान हटा दिया जाए। इन मुद्दों की जगह किसी और को खबरों में ला दिया जाए। ये सभी आरोप अदालतों में साफ हो चुके हैं। मैं सभी एजेंसियों के सामने अपना पक्ष साफ कर चुका हूं। मैं यह नहीं कहता, लेकिन लोग कहते हैं कि जब भी कोई समस्या होती है तो मुझे निशाना बनाया जाता है।’

राहुल में नेतृत्व क्षमता, प्रियंका को वक्त मिले: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास कांग्रेस का नेतृत्व करने की क्षमता है। हालांकि, यह पार्टी को तय करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है। यहां हर किसी का अपना मत है। अगर पार्टी को लगता है कि उनमें संभावना है तो वे उन्हें अध्यक्ष चुन लेंगे। प्रियंका अपना काम ईमानदारी से कर रही हैं। देश के लोग चाहते हैं कि वे नेशनल लेवल पर ज्यादा एक्टिव रहें। उन्हें खुद को साबित करने के लिए और वक्त दिया जाना चाहिए।

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Robert Vadra | Priyanka Gandhi Husband On His Political Entry Income Tax Officials On Benami Properties Case

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