दिल्ली के चारों तरफ किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, कल सरकार के साथ 9वें दौर की बातचीत


किसान आंदोलन ने गुरुवार को 43 दिन पूरे कर लिए। किसानों ने दिल्ली के चारों तरफ ट्रैक्टर मार्च निकाला। सिंघु से टिकरी बॉर्डर, टिकरी से कुंडली, गाजीपुर से पलवल और रेवासन से पलवल तक यह मार्च निकाला गया। किसानों ने गुरुवार की रैली में 60 हजार ट्रैक्टरों के शामिल होने का दावा किया।

किसानों का कहना है कि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 26 जनवरी को भी ट्रैक्टर परेड होगी। गुरुवार का मार्च उसी का ट्रेलर है। इधर, शुक्रवार को किसानों की सरकार के साथ 9वें दौर की बातचीत होनी है। इससे एक दिन पहले निकाले गए ट्रैक्टर मार्च के जरिए किसानों ने अपनी ताकत दिखाई। वहीं, इस मार्च पर 60 हजार ट्रैक्टरों के शामिल होने का दावा करके किसानों दिखाया कि आंदोलन के 43 दिन गुजरने के बाद भी उनके समर्थन में कमी नहीं आई है।

नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने दिल्ली के चारों तरफ ट्रैक्टर मार्च निकाला। फोटो ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की है।

महिलाएं करेंगी 26 जनवरी के मार्च की अगुआई
गुरुवार के मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं ट्रैक्टरों के स्टीयरिंग थामे नजर आईं। किसानों ने कहा है कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च की अगुआई महिलाएं करेंगी। हरियाणा की करीब 250 महिलाएं ट्रैक्टर चलाने की ट्रेनिंग ले रही हैं। हरियाणा के किसान संगठनों ने हर गांव से 10 महिलाओं को 26 जनवरी के मार्च के लिए दिल्ली बुलाया है। ऐसी ही अपील UP के किसानों ने भी की है।

ट्रैक्टर मार्च की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई
किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस ने कुंडली-मानेसर-पलवल टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। वहीं, गाजियाबाद के ADM (सिटी) शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसानों के मार्च को देखते हुए फोर्स बढ़ाया गया था। मार्च की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।

कुंडली-मानेसर-पलवल टोल प्लाजा पर तैनात पुलिस के जवान।

सरकार से किसानों की कल होगी बातचीत
किसानों और सरकार के बीच 4 जनवरी की मीटिंग बेनतीजा रही और अगली तारीख 8 जनवरी तय हुई। अगली मीटिंग में कृषि कानूनों को वापस लेने और MSP पर अलग कानून बनाने की मांग पर बात होगी। यह 9वें दौर की बैठक होगी। इससे पहले सिर्फ 7वें दौर की मीटिंग में किसानों की 2 मांगों पर सहमति बन पाई थी, बाकी सभी बैठकें बेनतीजा रहीं।

किसानों ने कहा है कि MSP को कानूनी रूप मिलने और नए कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट में 11 जनवरी को सुनवाई
कृषि कानून रद्द करने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल से कहा कि स्थिति में कोई सुधार नहीं है। साथ ही कहा कि किसानों की हालत समझते हैं। अब 11 जनवरी को सुनवाई होगी। उधर, पंजाब के CM अमरिंदर सिंह ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।

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Farmers Protest: Kisan Andolan Delhi Burari LIVE Update | Haryana Punjab Farmers Delhi Chalo March Latest News Today 7 January

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