टॉप-20 संक्रमित देशों के मुकाबले भारत में सबसे तेज रिकवरी रेट; बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर वाले देश पिछड़े


नए साल पर देश के लिए अच्छी खबर है। एक तरफ कोरोना की दो वैक्सीन मिलने जा रही है, दूसरी तरफ कोरोना को हराने वालों का आंकड़ा 1 करोड़ के पार हो गया है। मतलब देश में अब तक 1.03 करोड़ लोगों को कोरोना हुआ और इनमें से 96.3% लोग ठीक भी हो गए। 1.4% मरीजों की मौत हुई, जबकि 2.2% मरीजों का इलाज चल रहा है।

सबसे अच्छी बात ये है कि मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में 191 देशों में से 112वें नंबर पर होने के बावजूद हमारे यहां दुनिया के टॉप-20 संक्रमित देशों के मुकाबले सबसे तेज रिकवरी रेट है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन जैसे देश जो मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में टॉप पर हैं, वे भी पीछे रह गए। भारत में हर 100 मरीज में से 96 ठीक हो रहे हैं।

16 देशों में कम्युनिटी ट्रांसमिशन हुआ, भारत में नहीं
दुनिया के टॉप-20 देश जहां संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं, उनमें से 16 देश ऐसे हैं जहां वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हुआ है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होने के बावजूद भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो पाया। जहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो रहा है, उनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, फ्रांस, स्पेन, कोलंबिया, मैक्सिको जैसे देश शामिल हैं।

3 महीने के अंदर 43 लाख लोग ठीक हुए, 12.7% तेज हुई रफ्तार
पिछले 3 महीने में देश में 43.16 लाख से ज्यादा मरीज ठीक हुए। इस दौरान रिकवरी की रफ्तार 12.7% बढ़ी है। इसके ठीक उलट अमेरिका में रिकवरी की रफ्तार में 3.5% की गिरावट आई है। अक्टूबर में यहां रिकवरी रेट 62.4% था, जो घटकर 59.5% रह गया। ब्राजील में 1.2% की बढ़ोतरी हुई है। सबसे खराब हालात फ्रांस के हैं। यहां रिकवरी रेट में 9.4% की गिरावट आई। अक्टूबर में फ्रांस के ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 16.7 था, जो अब घटकर महज 7.35% रह गया है।

देश में अब केवल 2.2% मरीजों का इलाज
देश में 96.3% लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि संक्रमण से 1.4% मरीजों की मौत हो चुकी है। अब देश में एक्चुअल कोरोना के मामले केवल 2.2% हैं यानी 2.30 लाख मरीज रह गए हैं। इनमें से 50% मरीजों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है, जबकि 50% मरीज होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। एक्टिव केस के मामले में भारत दुनिया के सबसे संक्रमित 10 देशों की सूची से भी बाहर हो गया है।

देश में ऐसे बढ़ा कोरोना

  • 30 जनवरी को चीन के वुहान शहर से लौटी 20 साल की महिला को कोरोना हुआ। यह देश का पहला केस था।
  • 3 फरवरी तक केरल में ही तीन नए केस आ चुके थे। ये सभी लोग विदेश से लौटे थे।
  • 3 मार्च तक देश में कुल छह केस आए।
  • 4 मार्च को इटली के एक टूरिस्ट ग्रुप के 14 सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
  • 12 मार्च को सऊदी अरब से लौटे 76 साल के कोरोना मरीज की मौत हो गई। कोरोना से देश में यह पहली मौत थी।
  • 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की घोषणा की।
  • 24 मार्च को प्रधानमंत्री ने 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया। यह लॉकडाउन 25 मार्च से शुरू हुआ।
  • 14 अप्रैल को यह लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया। फिर इसे दो बार और बढ़ाया गया।
  • 3 मई से 17 मई और फिर 17 से 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ा।
  • 1 जून से लॉकडाउन में छूट मिलना शुरू हुई और अब तक पूरा देश लगभग पूरी तरह से अनलॉक हो चुका है।
  • 17 सितंबर को देश में कोरोना का पीक था। तब सबसे ज्यादा 10.17 लाख एक्टिव केस थे। भारत दुनिया का दूसरा सबसे संक्रमित देश था।
  • 18 दिसंबर को देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1 करोड़ के पार हो गया। तब 3.07 लाख एक्टिव केस थे।
  • 5 जनवरी तक देश में 2.22 लाख एक्टिव केस रह गए हैं। इस मामले में भारत अब दुनिया का 11वां देश हो गया है।

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