कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह का 86 की उम्र में निधन, 8 बार लोकसभा सांसद रहे


पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता बूटा सिंह (86) का शनिवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। नेहरू-गांधी परिवार के भरोसेमंद रहे बूटा ने गृह, कृषि, रेल, खेल मंत्री और अन्य कार्यभार के अलावा बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

1977 में जनता पार्टी की लहर के चलते कांग्रेस बुरी तरह से हार गई थी। इसके बाद पार्टी विभाजित भी हो गई थी। तब बूटा सिंह ने इंदिरा गांधी की अगुआई वाली कांग्रेस के इकलौते राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कड़ी मेहनत के बाद पार्टी को 1980 में फिर से सत्ता में लाने के लिए बड़ी भूमिका निभाई थी।

बूटा के परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। 21 मार्च, 1934 को पंजाब के जालंधर के मुस्तफापुर गांव में जन्मे बूटा 8 बार लोकसभा के लिए चुने गए।

मोदी ने भी दुख जताया
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘बूटा सिंह जी एक अनुभवी प्रशासक थे। गरीबों के कल्याण के लिए उन्होंने मजबूती से आवाज उठाई। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और समर्थकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।’

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बूटा सिंह ने गृह, कृषि, रेल और खेल मंत्री जैसे अहम विभागों में काम किया। (फाइल फोटो)

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