2021 में एआई, स्पेस और सायबर टेक्नोलॉजी की मदद से सेना और सशक्त बनेगी


मंत्री, नेताओं से लेकर बड़े-बड़े उद्योगपतियों तक हर कोई नए साल पर अपने फॉलोअर्स के लिए संदेश लिखता है। ऐसे में आइए उनको पढ़ते हैं, जिनका संदेश पूरा देश पढ़ना चाहता है। ये लगातार नौवां साल है, जब सेना प्रमुखों ने भास्कर पाठकों के लिए शुभकामना संदेश लिखा।

हम भविष्य के युद्ध मैदान में लड़ने की तैयारी कर रहे हैं

नए साल पर मैं सभी नागरिकों और सशस्त्र बलों के सदस्यों को बधाई देता हूं। 2020 भारत और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए चुनौती भरा रहा है। देश के नागरिकों और सेनाओं ने सरहदी खतरों, कोविड-19 के खिलाफ धैर्य और साहस का परिचय दिया। 2020 ने सशस्त्र बलों के कामकाज में बदलाव की अहम नींव रखी। तीनों सेना के एकीकरण का युग शुरू हो गया। तीनों ही सेनाएं पेशेवर रूप से एक समान स्तर पर आ गई हैं। हम भविष्य के युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। स्पेस, एआई, सायबर और अन्य तकनीकी क्षमताओं की मदद से सशस्त्र बलों को आधुनिक युद्ध में लड़ने और जीतने में सक्षम बनाएगा। हम हमेशा की तरह राष्ट्र के सुरक्षा प्रहरी बने रहेंगे।

जनरल बिपिन रावत, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

देश की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए हमारा संकल्प अडिग

भारतीय सेना साल दर साल ऐसी सशक्त फौज बनकर उभरी है, जो सभी चुनौतियों से निपट सकती है। हम तेजी से बदलते सामरिक और आॅपरेशनल वातावरण की सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। हम विषम परिस्थितियों में नागरिकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मजबूत और कारगर सेना बनने के लिए आधुनिकीकरण और आत्म निर्भरता का रास्ता अपना रहे हैं। सेना को ताकत लोगों के प्रेम, आदर और आस्था से मिलती है। हमने 2021 में उदीयमान भारतीय की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए और भी कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया है। देशवासियों को सेना की ओर से मैं शुभकामनाएं देता हूंं।

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, थल सेना प्रमुख

विषम और शत्रुतापूर्ण माहौल में भी पूरे साहस से जुटे रहेंगे

नववर्ष पर मैं देशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना करता हूं। बीते वर्ष हमने अनेक चुनौतियों का सामना किया। हमारी फौजों ने एलएसी पर यह सुनिश्चित किया कि हमारी सीमाओं को बदलने का प्रयास विफल हो। कोविड-19 से लड़ने के लिए भी वायु सेना ने बहुत कम नोटिस पर बेरोकटोक कई मिशन चलाए। कांगो से लेकर अनेक देशों से भारतीयों को सकुशल निकाला। मित्र देशों को राहत सामग्री और दवाएं पहुंचाई गईं। हमारे वायु योद्धा भी बेहद विषम और शत्रुतापूर्ण माहौल में पूरे साहस, निस्वार्थ भावना और बहादुरी से जुटे रहेंगे। भविष्य में मिलने वाले नए साजोसामान से हमारी क्षमता में अहम वृद्धि होगी।

एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, वायुसेना प्रमुख

सुरक्षा और विकास के हर मोर्चे पर नाैसेना सदैव ही तत्पर है

मैं सभी पाठकों को सुखद और समृद्ध नव वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं। आज जब हम कोविड-19, उत्तरी सीमाओं की चुनौतियों और प्रायोजित आतंकवाद जैसे मुद्दों से घिरे हैं। बावजूद इसके, मैं फिर पूरी दृढ़ता के साथ कहना चाहता हूं कि भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तत्परता व संकल्प अडिग हैं। मुक्त, खुला, नियम-आधारित और समावेशी समुद्री क्षेत्र हमारे दृष्टिकोण का केंद्रबिन्दु है। यह माननीय प्रधानमंत्री के विजन ‘सागर’ (सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन) यानि समूचे क्षेत्र की सुरक्षा एवं विकास का भी प्रतिबिम्ब है। भारतीय नौसेना विकास व समृद्धि का समर्थन करने के अपने कर्तव्य को निभाने के लिए तैयार है। जय हिंद। शं नो वरुणः।

एडमिरल करमवीर सिंह, नौसेना प्रमुख

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    चार यौद्धाओं (सीडीएस और सभी सेना प्रमुख) का फोटो, जिनके कंधे पर देश की सुरक्षा का भार है।

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