किसान 29 दिसंबर को सरकार से मिलने को तैयार, लेकिन MSP पर गारंटी की शर्त नहीं छोड़ेंगे


सरकार से बातचीत के न्योते की चिट्ठी पर किसानों ने शनिवार को फैसला ले लिया। उन्होंने तय किया है कि बातचीत फिर शुरू की जाएगी। इसके लिए सरकार को 29 दिसंबर की तारीख दी है। लेकिन, कहा है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संभावनाएं और मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) की कानूनी गारंटी बातचीत के एजेंडे में होनी चाहिए। किसान नेता राकेश टिकैत ने यह जानकारी दी।

गुरुवार को केंद्र ने लिखी थी चिट्‌ठी
सरकार ने गुरुवार को एक और चिट्ठी लिखकर किसानों से बातचीत के लिए दिन और समय तय करने की अपील की थी। चिट्ठी में कहा गया था कि किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए सरकार गंभीर है। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि मिनिमम सपोर्ट प्राइज से जुड़ी कोई भी नई मांग जो नए कृषि कानूनों के दायरे से बाहर है, उसे बातचीत में शामिल करना तर्कसंगत नहीं होगा।

भाजपा के पूर्व सांसद ने किसानों के समर्थन में पार्टी छोड़ी
पंजाब के भाजपा नेता और पूर्व सांसद हरिंदर सिंह खालसा ने किसानों के समर्थन में भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार और भाजपा नेता असंवेदनशील बने हुए हैं।

हरियाणा में 27 दिसंबर तक टोल फ्री
हरियाणा में किसानों ने शुक्रवार से टोल फ्री कर दिए। यह सिलसिला 27 दिसंबर तक जारी रहेगा। उधर, भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी। भाकियू (भानु) गुट पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ हो सकती है।

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Farmers Protest: Kisan Andolan Delhi Burari LIVE Update | Haryana Punjab Farmers Delhi Chalo March Latest News Today 26 December

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