NIA ने SDPI और PFI के 17 लीडर्स को गिरफ्तार किया, दंगे और हिंसा में शामिल होने के आरोप


बेंगलुरु के केजी हल्ली में 11 अगस्त को हुई हिंसा के मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 17 लीडर्स की गिरफ्तारी हुई है। न्यूज एजेंसी ने रविवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तरफ से की गई इस कार्रवाई की जानकारी दी।

NIA के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, SDPI और PFI के लीडर्स को दंगा फैलाने और हिंसक हमले में शामिल होने के चलते गिरफ्तार किया गया है। इस केस में अब तक 187 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बेंगलुरु के केजी हल्ली में 11 अगस्त को बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी। तब कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था।

सोशल मीडिया पोस्ट से भड़की थी हिंसा

बेंगलुरु में 11 अगस्त को एक आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट को लेकर डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाकों में हिंसा हुई थी। भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा में एक एडिशनल पुलिस कमिश्नर समेत 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे।

भीड़ ने केजी हल्ली पुलिस स्टेशन में जमकर तोड़फोड़ की थी। हिंसा को काबू करने के दौरान 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

कांग्रेस विधायक के भतीजे ने की थी पोस्ट

आरोप है कि कांग्रेस के विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे नवीन ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट की। इससे मुस्लिम समुदाय नाराज हो गया। हिंसा पर उतारू भीड़ ने कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के घर को आग लगा दी और तोड़फोड़ की। बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी गई। इस मामले में आरोपों के घेरे में आए SDPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके जैदी ने कर्नाटक सरकार मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

हिंसा पर उतारू भीड़ ने कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के घर को आग लगा दी थी और वहां जमकर तोड़फोड़ की थी।

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फोटो 11 अगस्त का है। उस दिन एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बेंगलुरु के केजी हल्ली इलाके में जमकर हिंसा हुई थी। इस दौरान भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था।

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