राउत ने कहा- बहस से बचने के लिए संसद सत्र नहीं हुआ; केजरी बोले- कितनों के घर छापा मारोगे?


नए कृषि कानूनों के खिलाफ एक तरफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी तरफ, मामले में बयानबाजी का दौर भी चरम पर है। मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कानून पर चर्चा से बचने के लिए संसद के विंटर सेशन को रद्द कर दिया गया है।

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर आंदोलन में किसानों की मदद करने वाले व्यापारियों के घरों पर छापे की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

केंद्र पर केजरीवाल का बड़ा हमला
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के जो व्यापारी किसानों को संघर्ष में मदद कर रहे हैं, उनके खिलाफ केंद्र सरकार इनकम टैक्स के छापे डलवा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को इस तरह परेशान करना गलत है। केंद्र सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए यह सब किया जा रहा है। आज पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है। ऐसे में सरकार किस-किस के घरों पर छापे की कार्रवाई कराएगी।

पीएम की पहल के बाद 5 मिनट में हल हो जाएगी समस्या
इससे पहले राउत ने कहा था कि अगर सरकार चाहे, तो यह मुद्दा आसानी से किसानों के साथ बैठकर आधे घंटे में खत्म हो सकता है। अगर प्रधानमंत्री खुद दखल देते हैं, तो यह 5 मिनट में सुलझ सकता है। उन्होंने कहा था कि मोदी जी बड़े नेता हैं, सभी लोग उन्हें सुनेंगे। आप अपने स्तर पर बातचीत शुरू कीजिए इसके बाद जादू देखिए।

25 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं किसान
नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनकारी किसान पिछले 25 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर जमे हुए हैं। उनकी मांग है कि सरकार इन कानूनों को वापस ले, लेकिन सरकार इनमें सिर्फ संशोधन करने को तैयार है। किसानों और सरकार के बीच कई बार बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

नए संसद भवन पर भी सवाल उठाए
शिवसेना के मुखपत्र सामना में राउत ने नई संसद बिल्डिंग को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि मौजूदा संसद भवन ठीक है और इसमें अगले 50 से 75 साल तक अच्छी तरह से काम चल सकता है। उन्होंने लिखा कि जब दिल्ली के आसपास किसान आंदोलन कार रहे हैं, ऐसे समय उस पर चर्चा से बचने के लिए संसद सत्र नहीं बुलाने का फैसला मोदी सरकार ने किया है।

10 दिसंबर को किया था भूमिपूजन
प्रधानमंत्री मोदी ने 10 दिसंबर को संसद भवन की नई बिल्डिंग का भूमिपूजन किया था। नए भवन में लोकसभा सांसदों के लिए लगभग 888 और राज्यसभा सांसदों के लिए 326 से ज्यादा सीटें होंगी। पार्लियामेंट हॉल में कुल 1,224 सदस्य एक साथ बैठ सकेंगे। मौजूदा संसद 1921 में बनना शुरू हुई, 6 साल बाद यानी 1927 में बनकर तैयार हुई थी।

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दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए।

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