शीतकालीन सत्र की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष को हुआ कोरोना, 14 दिन के लिए आइसोलेट


छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 21 दिसम्बर से प्रस्तावित है। सत्र की तैयारियों के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। डॉ. महंत ने मंगलवार सुबह कोरोना जांच के लिए नमूना दिया था। शाम RTPCR टेस्ट का परिणाम आने पर उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने देर शाम सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा-मैं आपको सूचित करना चाहता हूं, आज मैंने अपना कोविड टेस्ट कराया जो पॉजिटिव आया है।

अगर आप मेरे संपर्क में आए हैं तो कृपया खुद को आइसोलेट करें और आवश्यकता पड़ने पर कोविड जांच कराएं। आप सुरक्षित रहें, समाज को सुरक्षित रखें। विधानसभा सचिवालय ने इसकी सूचना साझा की।

डॉ. महंत ने 13 दिसम्बर को ही अपना जन्मदिन मनाया था। हालांकि उन्होंने किसी आयोजन से मना किया था, लेकिन उनको बधाई देने के लिए कांग्रेस नेता और क्षेत्र के लोग स्पीकर हाउस पहुंचते रहे।

प्रदेश के उच्च शिक्षा, युवा कल्याण और खेल मंत्री उमेश पटेल और महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंडिया भी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 23 विधायक इस महामारी की चपेट में आ चुके है। यह विधानसभा की कुल सीटों के 25 प्रतिशत से अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक किसी विधायक के कोरोना संक्रमित होने का पहला मामला जून में सामने आया था। डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू इसके पहले शिकार हुए। जिस समय विधायक की जांच रिपोर्ट आई वे विधानसभा परिसर में समिति की बैठक में थे।

संक्रमण का मामला सामने आने के बाद विधानसभा सचिवालय को पांच दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। बैठक में शामिल शेष पांच विधायकों और सचिवालय के अफसरों को कई दिनों तक आइसोलेट रहना पड़ा। इसी बैठक में शामिल भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा और कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा को बाद में संक्रमित पाया गया।

अगस्त के बाद विधायकों और मंत्रियों में संक्रमण तेजी से बढ़ा है। हाल ही में रायपुर ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा भी इसकी चपेट में आ गए थे।

विधानसभा सत्र में ही संक्रमित मिले विधायक

अगस्त में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था हुई थी। विधायकों की बैठक को शीशे के पार्टीशन से घेरा गया था। प्रवेश से पहले सेनिटाइजेशन और तापमान के जांच की व्यवस्था थी।

विधायकों के स्वैच्छिक कोरोना जांच की भी व्यवस्था थी। अंतिम दिन हुए जांच में भाजपा विधायक डमरुधर पुजारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष समेत कई विधायक होम आइसोलेशन में चले गए।

अब तक ये विधायक हो चुके संक्रमित

डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम, नवागढ़ विधायक गुरुदयाल बंजारे, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय, बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा, महासमुंद विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर, सामरी विधायक चिंतामणि महाराज, सरायपाली विधायक किश्मतलाल नंद, धरसीवां विधायक अनिता शर्मा, रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह, मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, खुज्जी विधायक छन्नी साहू और रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा (सभी कांग्रेस से)।

बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, भाटापारा विधायक सत्यनारायण शर्मा और बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरुधर पुजारी (सभी भाजपा), लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह (जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़)।

मुख्यमंत्री-मंत्रियों को बार-बार होना पड़ा आइसोलेट

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया आदि को कई बार होम आइसोलेट होना पड़ा है।

ऐसा परिवार के सदस्यों और निजी स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने की वजह से हुआ। मंगलवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री के ओएसडी को संक्रमित पाया गया है।

मंगलवार को मिले 1605 मरीज

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश भर में 1605 मरीजों में कोरोना संक्रमण का पता चला। इनको मिलाकर प्रदेश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या 2 लाख 60 हजार 240 हो गई है।

मार्च 2020 से अब 2 लाख 39 हजार 468 लोग इस संक्रमण को मात देकर अस्पताल और होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज हो चुके हैं। अभी 17 हजार 637 मरीजों का इलाज जारी है।

अब तक 3135 की मौत

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को कोरोना प्रभावित 16 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 13 मरीजों को कोरोना के साथ दूसरी दिक्कतें भी थीं। यह महामारी छत्तीसगढ़ में 3 हजार 135 लोगों की जान ले चुकी है।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के तीन सत्र कोरोना संकट के बीच आयोजित हो चुके हैं। शीतकालीन सत्र पर भी उसकी छाया गहरा गई है।

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