नाइट कर्फ्यू के बाद बढ़े 29% कोरोना केस, सिर्फ कागजों में सख्ती; न भीड़ पर रोक, न रात में घूमने पर


कोरोना के बढ़ते केस के बीच भले ही सरकार ने कहा हो कि जिन इलाकों में अधिक संक्रमित हैं, वहां कर्फ्यू लगाया जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि यहां सोशल डिस्टेंसिंग और मॉस्क का ही उपयोग नहीं हो पा रहा है। करीब एक महीने पहले जहां चार से पांच जगह ही हॉट स्पॉट वाली जगहों में आ रही थी तो अब इनकी संख्या बढ़कर 12 तक हो गई है।

इन जगहों पर पहले दो से पांच केस तक आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर कम से कम 25 हो गई है। यदि जल्दी ही इन जगहों पर भी कंट्रोलिंग नहीं की गई तो अन्य आसपास के स्थान भी हॉट स्पॉट बन जाएंगे। ऐसे में प्रशासन और सरकार को चाहिए कि इन सभी जगह सख्ती कर नियमों का पालन कराए। इधर शनिवार को जयपुर 501 नए केस आए। अब शहर में कुल 50712 और चार मौतों के साथ आंकड़ा 452 पहुंच गया है।

ऐसी कोई जगह नहीं, जहां केस नहीं
शहर में कोई भी ऐसी जगह नहीं बची है जहां रोजाना कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आ रहे हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जिन कॉलोनियों में पहले महज 1-2 केस आ रहे थे, वहां अब 10-15 केस रोज आ रहे हैं। यानि कि हर जगह ही खतरा बढ़ रहा है।
ताज्जुब यह, प्रशासन क्या कर रहा
ऐसा नहीं है कि पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन कहीं कोई रोकटोक नहीं है। यहां तक कि रात को लगने वाला कर्फ्यू भी बयानों और कागजों में है। रात की तस्वीरें बताती हैं कि शहर के किसी भी जगह पर कर्फ्यू जैसा कुछ नहीं है।
एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से महिला की मौत

कोविड पेशेंट को लेकर जा रही एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से एक महिला की मौत हो गई। एसएमएस अस्पताल से जयपुर की प्रेम कंवर को आरयूएचएस ले जाया जा रहा था। इससे पहले वे आरयूएचएस पहुंचती, उनकी मौत हाे गई। परिजनाें ने ऑक्सीजन सप्लाई पंप देखा तो पाया कि ऑक्सीजन ही नहीं आ रही थी। परिजनों ने वीडियो रिकॉर्डिंग की और चिकित्सा मंत्री को भेज दी। हालांकि परिजनों ने मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं की है।

उनका कहना है कि आरयूएचएस की एंबुलेंस में अव्यवस्था से आहत हैं। अब ऐसा सिस्टम हाे कि किसी की जान नहीं जाए। बेेटे बुजेश सिंह ने बताया वे किसी की शिकायत नहीं करना चाहते। परिजनों से बात कर ही आगे का निर्णय लेंगे। चिकित्सा मंत्री को वीडियो भी भेज दिया है। उनका बस यह कहना है कि व्यवस्थाएं ऐसी हों कि किसी और की अब जान नहीं जाए।

जयपुर के परकोटे में लगने वाला हाट बाजार, यहां सैकड़ों की भीड़, लेकिन चेहरों से मास्क गायब।

अगले दिन से ही कर्फ्यू रात 8 बजे से शुरू होना था, लेकिन शाम 7 बजे से ही दुकानें बंद करने के आदेश भी जारी कर दिए गए। लगातार जारी हो रहे ऑर्डर में कोरोना केसों पर कंट्रोल के लिए नाइट कर्फ्यू लगाने और इसके पालन के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को फ्री हैंड भी दे दिया। इसके बावजूद जयपुर में कोरोना केसों में कमी नहीं आई।

SMS अस्पताल का धनवंतरी भवन। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग रखने के इंतजाम नहीं।

दैनिक भास्कर ने नाइट कर्फ्यू लगाने के 10 दिन पहले और इसके बाद के 10 दिनों में आए कोरोना पॉजिटिव केसों के आंकड़े जुटाए तो पता चला कि नाइट कर्फ्यू लगाए जाने के बाद 10 दिनों में कोरोना पाॅजीटिव केस कम होने की बजाय 29% बढ़ गए। भास्कर संवाददाता ने दिन और नाइट के कर्फ्यू के वक्त की बाजारों में पड़ताल की।

शहर के परकोटे में स्थित सब्जी मंडी में भीड़। यहां भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा।

सुबह बाजारों में न चेहरे पर मास्क, न 2 गज की दूरी, रात को सिर्फ दुकानें बंद

भास्कर संवाददाता ने रात के वक्त बाजारों में रियलिटी चेक की तो सामने आया कि नाइट कर्फ्यू के नाम पर सिर्फ दुकानें ही बंद हो रही हैं। शहरवासियों की आवाजाही वैसे ही जारी है, जैसे नाइट कर्फ्यू से पहले थी। बाजारों में आवाजाही बे-रोकटोक जारी थी। शाम 7 बजे पुलिस दुकानें बंद कराने के लिए अनाउंसमेंट करती जरूर नजर आई।

कोरोना की रोकथाम के लिए नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया। इसके बावजूद लोगों की आवाजाही जारी है

दुकानदारों ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से पहले ही नुकसान में हैं। शादियों का सीजन आया तो कर्फ्यू लगाकर धंधा चौपट कर दिया। कुछ व्यापारियों ने कहा कि सरकार का नाइट कर्फ्यू का फैसला गलत है। कुछ व्यापारियों ने इसे सही बताया, लेकिन कहा कि दुकानों से ज्यादा भीड़ तो मंडियों और हाट बाजार में है। वहां कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहिए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा, ऐसे में कोरोना कैसे कंट्रोल होगा?

व्यापारियों का कहना है कि सरकार नाइट कर्फ्यू भले ही लगाए। लेकिन, पहले दिन में कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने वालों से सख्ती से निपटे।

मंडियों और हाट बाजारों में बुरा हाल, कोरोना गाइड लाइन की उड़ रहीं धज्जियां

जब हम सुबह के वक्त शहर के बाजारों में घूमे, मंडियों में जायजा लिया तो लोगों की भारी भीड़ खरीदारी करते नजर आई। यहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही थीं। ज्यादातर लोगों के चेहरों पर तो मास्क नहीं था। ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए बनाई गई टीमें भी नजर नहीं आईं। सबसे बुरा हाल शहर के परकोटे का है।

बाजारों में इस भीड़ पर कंट्रोल नहीं होगा तो कोरोना कैसे रुकेगा।

रात के वक्त बेवजह घूमने वालों पर कोई एक्शन नहीं
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के आंकड़े देखे तो पता चला कि जयपुर शहर उत्तर और पश्चिम जिले में पुलिस ने पिछले 24 घंटों में कोई कार्रवाई नहीं की। नाइट कर्फ्यू के दौरान किसी भी थाना इलाके में कोई स्पेशल नाकाबंदी नजर नहीं आई। ऐसे एक भी चालक की गाड़ी जब्त नहीं की गई, जो बेवजह रात को बावजूद घूम रहे थे। पुलिस ने 242 लोगों पर कार्रवाई कर महज 6400 रुपए वसूले हैं। इनमें जयपुर पूर्व में मास्क नहीं लगाने पर 59 लोगों के चालान काटे। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग की पालन नहीं करने पर 8 लोगों और साउथ जिले में 98 लोगों से जुर्माना वसूला गया।

जयपुर में नाइट कर्फ्यू से पहले 10 दिनों में 4812 कोरोना पॉजिटिव केस
11 नवंबर- 450 केस

12 नवंबर- 460 केस

13 नवंबर- 475 केस

14 नवंबर- 406 केस

15 नवंबर- 498 केस

16 नवंबर- 538 सबसे ज्यादा रिकॉर्ड केस

17 नवंबर- 484 केस

18 नवंबर- 468 केस

19 नवंबर- 519 केस

20 नवंबर- 514 केस

नाइट कर्फ्यू के बाद 10 दिनों में आए 6224 कोरोना पॉजिटिव केस

21 नवंबर- 551 केस

22 नवंबर- 603 केस

23 नवंबर- 599 केस

24 नवंबर- 656 केस

25 नवंबर- 615 केस

26 नवंबर– 630 केस

27 नवंबर- 643 केस

28 नवंबर- 627 केस

29 नवंबर- 555 नए केस

30 नवंबर- शहर में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 745 केस आए
इसके बाद भी जयपुर में 1 दिसंबर से लगातार 650 से ज्यादा केस आ रहे हैं।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


Jaipur Coronavirus Ground Report Update; 29 Percent Corona Cases Increased After Night Curfew In Rajasthan City Jaipur

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *