लालू को रिम्स डायरेक्टर के बंगले से शिफ्ट किया गया, 114 दिन से यहां चल रहा था इलाज


चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव को गुरुवार को रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर गया है। यहां उन्हें 11 नंबर कमरे में रखा गया गया है। लालू 114 दिनों से रिम्स डायरेक्टर के बंगले में इलाज करा रहे थे। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें 5 अगस्त को बंगले में शिफ्ट किया गया था।

मंगलवार को मोबाइल पर बिहार भाजपा के विधायक से बातचीत के बाद लालू के रिम्स डायरेक्टर के बंगले में रखे जाने पर विवाद हो गया था। माना जा रहा है कि विवाद के बाद जेल प्रशासन ने दबाव में ये फैसला लिया है।

जेल अधीक्षक की रिपोर्ट से पहले ही किया गया शिफ्ट
भाजपा विधायक ललन पासवान को जेल से फोन करने के मामले में गुरुवार को ही रांची के कमिश्नर छवि रंजन ने जेल अधीक्षक से 24 घंटे के अंदर पूरी रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट से पहले ही लालू यादव को पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। छवि रंजन ने जेल आईजी से मिले निर्देश के बाद ये रिपोर्ट मांगी थी। डीसी ने जेल अधीक्षक से पूछा है कि क्या यह सच है कि लालू के मामले में जेल मैन्युअल का उल्लंघन हो रहा है। लालू प्रसाद यादव तक मोबाइल कैसे पहुंचा?

जेल आईजी ने जांच के दिए थे आदेश
बुधवार को झारखंड के जेल आईजी वीरेंद्र भूषण ने इस मामले की जांच का आदेश दिया था। जेल आईजी ने सुरक्षा में तैनात जवानों को भी सचेत करने को कहा है, ताकि लालू प्रसाद से बिना इजाजत कोई न मिल सके।

12 दिन से गेस्ट हाउस में रह रहे डायरेक्टर
बंगला में सजायाफ्ता कैदी के रहने के कारण रिम्स के नवनियुक्त डायरेक्टर कामेश्वर प्रसाद फिलहाल मोरहाबादी के स्टेट गेस्ट हाउस में रह रहे हैं। उन्हें हर दिन का 400 रुपए किराया चुकाना पड़ रहा है। इस हिसाब से बंगला रहते रिम्स निदेशक लगभग 4800 रुपए का किराया दे चुके हैं। वे यहां 15 नवंबर से रह रहे हैं।

26 महीने से RIMS में इलाज करवा रहे हैं लालू यादव
लालू झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल RIMS में सबसे ज्यादा दिनों तक इलाज कराने वाले मरीजों में से हैं। वे RIMS में दो साल दो महीने से भर्ती हैं। रिम्स आने से पहले वे एम्स में भर्ती थे। 29 अगस्त 2018 को इन्हें रिम्स के कार्डियोलॉजी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था।

कार्डियोलॉजी विभाग में कुत्तों की आवाज से परेशान होने के बाद 5 सितंबर को इन्हें रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया था। 5 अगस्त 2020 को राजद सुप्रीमो को कोविड संक्रमण के डर से रिम्स के केली बंगले में शिफ्ट कर दिया गया था।

4 केस में सजायाफ्ता हैं लालू

लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला के 4 अलग-अलग मामलों में सजायाफ्ता हैं। 23 दिसंबर 2017 को देवघर कोषागार से 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी। 24 मार्च 2018 को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में 2 अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई, जबकि 60 लाख जुर्माना भी लगा था। 3 अक्टूबर 2013 में चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ और 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है।

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रिम्स डायरेक्टर के बंगले से पेइंग वार्ड में जाते लालू यादव।

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