ISRO 2021 के आखिर में पहला क्रू लेस गगनयान लॉन्च करेगा, कोरोना की वजह से एक साल देरी


इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) 2021 के आखिर तक क्रू रहित गगनयान की पहली लॉन्चिंग करेगा। इसके साथ एक स्वदेशी रोबोट भी भेजने की योजना है। यह मिशन 2020 में ही लॉन्च किया जाना था, लेकिन कोरोना की वजह से इसे टाल दिया गया। इसके बाद 2021 के पहले हाफ में लॉन्चिंग की योजना बनी। इस बार भी गगनयान को लॉन्च नहीं किया जा सका।

यह प्रोजेक्ट ISRO के अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट भेजने की योजना का हिस्सा है। ऐसा करने से पहले 2022 में एक और क्रू लेस स्पेस क्राफ्ट लॉन्च किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसरो चेयरमैन डॉ. के. सिवन ने बताया है कि ह्यूमन रेटिंग की प्रोसेस ठीक तरह से आगे बढ़ रही है। इसके 2021 की दूसरी छमाही में पूरी होने की उम्मीद है।

कोरोना तय करेगा मिशन का भविष्य
डॉ. के सिवन ने बताया है कि 2021 में दो मानव रहित मिशन लॉन्च किए जाएंगे या नहीं, यह अभी के हालात पर निर्भर करेगा। आने वाले महीनों में क्या होता है, इसके आधार पर इस बारे में फैसला लिया जाएगा। अगर कोरोना वायरस का असर इसी तरह जारी रहता है, तो हमें कुछ प्रोजेक्ट को फिर से देखना पड़ सकता है।

प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी
इसरो अपने गगनयान प्रोजेक्ट के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी मदद ले रहा है। देश की बड़ी इंजीनियरिंग कंपनियों में शुमार लार्सन एंड टूब्रो (L&T) को गगनयान लॉन्च व्हीकल के लिए हार्डवेयर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी ने 17 नवंबर को बताया कि इसे समय से पहले ही डिलीवर भी कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि कोरोना की बंदिशों के बावजूद दुनिया के तीसरे सबसे बड़े सॉलिड प्रोपेलेंट रॉकेट बूस्टर एस-200 के मिडिल सेगमेंट को डिलीवर कर दिया है।

गगनयान के साथ व्योम मित्र को भेजेंगे
इसरो इस फ्लाइट के साथ स्वदेश में विकसित रोबोट ‘व्योम मित्र’ को भेजेगा। ऐसा प्रयोग के तौर पर किया जा रहा है। यह रोबोट बिल्कुल इंसानों की तरह बर्ताव करेगा और अंतरिक्ष से इसरो को रिपोर्ट भेजेगा।

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यह मिशन 2020 में ही लॉन्च किया जाना था, लेकिन कोरोना की वजह से इसे टाल दिया गया। -फाइल फोटो

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