सरकारी बंगले में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई, सुसाइड नोट नहीं मिला


छत्तीसगढ़ के मुंगेली में तैनात जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांता मार्टिन ने रविवार को खुदकुशी कर ली। पुलिस ने उनके सरकारी बंगले का दरवाजा तोड़कर साड़ी के फंदे से लटका शव निकाला। फिलहाल ये साफ नहीं है कि महिला जज ने जान क्यों दी? मुंगेली के SP अरविंद कुजूर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक जज कांता मार्टिन अकेली रहती थीं। अकेलेपन की वजह से वे डिप्रेशन में थीं।

कुक बंगले पर पहुंचा तो बंद मिला दरवाजा
मार्टिन का कुक रविवार सुबह करीब 9 बजे उनके बंगले पर पहुंचा था। दरवाजा लॉक होने की वजह से वह काफी देर तक बेल बजाता रहा। उसने कांता मार्टिन को फोन कॉल भी किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने पड़ोस में रहने वाले कोर्ट के दूसरे अफसरों को सूचना दी। जानकारी मिलने पर SP मौके पर पहुंचे। उन्होंने टॉर्च की मदद से खिड़की से देखा, तो मार्टिन का शव फंटे से लटका हुआ दिखा। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

पति की मौत हुई, बेटे दूसरे शहरों में रहते हैं
पुलिस ने बताया कि जज कांता मार्टिन के पति की डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी थी। उनके दो बेटे रायपुर और दिल्ली में रहते हैं। कांता मार्टिन जुलाई 2019 से मुंगेली जिले की जिला एवं सत्र न्यायधीश थीं। वे बिलासपुर, कांकेर, दुर्ग और रायपुर में पोस्टेड रहीं। वे मध्यप्रदेश के कटनी की रहने वाली थीं। पुलिस ने उनके बेटों को घटना की सूचना दे दी है।

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जज कांता मार्टिन की उम्र 55 साल थी। वे न्यायिक जागरुकता के लिए भी लगातार काम करनी थीं। – फाइल फोटो।

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