काउंटिंग रुकवाने के लिए कोर्ट गए ट्रम्प, मिशिगन में दायर किया केस


राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने में हो रही देरी के बीच डोनाल्ड ट्रम्प कैम्पेन ने कोर्ट का रुख किया है। वोटों की काउंटिंग पर रोक लगाने के लिए मिशिगन में केस दायर किया गया है। ट्रम्प लगातार वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। काउंटिंग के दौरान ही उन्होंने ट्वीट कर पेनसिल्वेनिया में पांच लाख वोट गायब होने का दावा किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में वोटों की काउंटिंग अभी जारी है। डोनाल्ड ट्रम्प और जो बाइडेन में से किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। फ्लोरिडा और लोवा में बढ़त बनाने वाले ट्रम्प को बाइडेन तीन स्टेट्स विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेनसिल्वेनिया में कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इन राज्यों के नतीजे ही इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अब तक बाइडेन को 227 और ट्रम्प को 213 इलेक्टोरल वोट मिल चुके हैं। जीत के लिए 270 वोट चाहिए। इस बीच आज ट्रम्प ने एक बार फिर वोटों की गिनती पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट किया- पिछली रात मैं मजबूती के साथ लीड कर रहा था और जैसे ही मेल-इन बैलट्स की गिनती शुरू हुई, आश्चर्यजनक तौर पर एक के बाद एक हम गायब होने लगे। मतदान सर्वेक्षक ऐतिहासिक रूप से गलती कर रहे हैं।

किसी को बहुमत ना मिलने की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का मामला फंसता दिख रहा है। इसकी दो वजह हैं।

पहली वजह– 10 करोड़ लोगों ने बैलट से प्री-वोटिंग की थी। ऐसे बैलट की बड़ी तादाद में गिनती बाकी है। दूसरी वजह– ट्रम्प जीत का एकतरफा और झूठा ऐलान कर चुके हैं। उनके बयान का लहजा देखिए- ‘चूंकि हम जीत गए हैं, तो अभी भी जहां-जहां वोटिंग चल रही है, वह सारी वोटिंग रुक जानी चाहिए। इसके लिए हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।’ उधर, बाइडेन अभी शांत नजर आ रहे हैं, लेकिन उनकी लीगल टीम लंबी कानूनी लड़ाई की तैयारी में जुट गई है।

सबसे अहम स्विंग स्टेट फ्लोरिडा में ट्रम्प की जीत

इस बार बड़ी बात यह रही कि ट्रम्प 29 इलेक्टर्स वाले सबसे अहम स्विंग स्टेट फ्लोरिडा में जीत बरकरार रखने में कामयाब रहे। कहा जाता है कि इस स्विंग स्टेट में जो जीतता है, वही व्हाइट हाउस पहुंचता है। 100 साल का इतिहास यही कहता है। NBC का एग्जिट पोल बताता है कि फ्लोरिडा में रहने वाले लैटिन अमेरिकी वोटर्स ने ट्रम्प का साथ दिया। क्यूबा मूल के 55%, प्यूर्टोरिको के 30% और 48% अन्य लैटिन अमेरिकी मूल के वोटर्स ट्रम्प के साथ थे। इसी वजह से उन्हें यहां अब तक कुल 51.6% वोट मिले।

काउंटिंग पर अपडेट्स

  • न्यू जर्सी में 14 इलेक्टोरल वोट्स हैं। यहां 1 लाख से ज्यादा गुजराती वोटर्स हैं। यहां ट्रम्प हार गए हैं।22 राज्यों में ट्रम्प को जीत मिलती दिख रही है, 5 में वे लीड लिए हुए हैं।
  • वहीं, कैलिफोर्निया (55 इलेक्टर्स) समेत 11 राज्यों में बाइडेन की जीत तय है, 3 में वे आगे चल रहे हैं।
  • सीनेट में अब तक डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स ने 47-47 सीटें जीतीं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स 198 और रिपब्लिकन्स ने 185 सीटें जीत चुके हैं।

ट्रम्प-बाइडेन के दावे

इस बीच बाइडेन ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जहां अभी हम खड़े हैं, उससे काफी खुश हूं। विस्कॉन्सिन और मिशिगन से मिल रही खबरें अच्छा फील करा रही हैं। जब तक हर बैलट की गिनती नहीं हो जाती, तब तक चुनाव खत्म नहीं होगा।

वहीं ट्रम्प ने ट्वीट किया, ‘हम ऊंचाई पर जा रहे हैं, लेकिन वे (डेमोक्रेट्स) जनमत पर डाका डालने की कोशिश कर रहे हैं। हम ऐसा किसी हालत में नहीं होने देंगे। एक बार जब मतदान खत्म हो गया तो कोई वोट नहीं डाल सकता।’ ट्रम्प ने यह भी कहा कि वे भी लोगों को संबोधित करेंगे।

बाइडेन के बाद ट्रम्प ने भी आधी रात को लोगों को संबोधित किया। कहा- इसके पहले मैंने किसी मामले पर इतनी जल्दी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की। हमने हर मामले में जीत दर्ज की है। इसके बाद अचानक सब बंद हो गया। (ये नहीं बताया कि वे किस चीज को बंद करने की बात कर रहे हैं।) फ्लोरिडा और नॉर्थ कैरोलिना में हमें जबर्दस्त जीत मिली। शानदार समर्थन के लिए मैं अमेरिकी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं।

‘कुछ दुखी लोग नतीजों को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनका साथ नहीं दे सकते। जो नतीजे आए हैं, वे बेहतरीन हैं। रात में काउंटिंग कराने का क्या तुक है। इसको लेकर हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मेरे हिसाब से तो हम चुनाव जीत चुके हैं।’

72 साल बाद एरिजोना डेमोक्रेट्स का

CNN के मुताबिक, इस बार रिपब्लिकन्स के गढ़ कहे जाने वाले एरिजोना में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी है। यहां बाइडेन खासी बढ़त हासिल कर चुके हैं। एरिजोना में इस उलटफेर की बड़ी वजह लैटिन लोग बताए जा रहे हैं। ट्रम्प इनको घुसपैठिया बताते आए हैं। वहीं, बाइडेन ने इनका समर्थन किया। नतीजा सामने है। 2016 में ट्रम्प ने यहां 3% ज्यादा वोट हासिल किए थे। इस बार इतने ही मतों से पीछे हैं।

नतीजे आने शुरू हुए और जैसे-जैसे ये सिलसिला आगे बढ़ा तो इसके साथ बाइडेन समर्थकों का जोश भी बढ़ता गया। फोटो डेलावेयर में डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन के कैम्पेन हाउस चेस सेंटर (डेलावेयर) का है। यहां उनके समर्थकों ने कार रैली निकाली।

पहली ट्रांसजेंडर स्टेट सीनेटर

जो बाइडेन के होम स्टेट डेलावेयर से सारा मैक्ब्रि़ड स्टेट सीनेटर का चुनाव जीत चुकी हैं। वे अमेरिकी इतिहास की पहली ट्रांसजेंडर हैं जो स्टेट सीनेट के लिए चुनी गई हैं।

सारा मैक्ब्रि़ड, अमेरिका की पहली ट्रांसजेंडर सीनेटर।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक रोचक आंकड़ा सामने आ रहा है। 2016 में जिन लोगों ने वोट नहीं किया था, या जिन्होंने पिछले चुनाव में थर्ड पार्टी को वोट दिया था। इन दोनों ने इस बार बाइडेन को वोट दिया है।
  • डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मिच मैक्डोनेल ने पार्टी नेताओं से कहा- अगर हम जीतते हैं इसे बड़े दिल और विनम्रता से स्वीकार करें। अगर आप गलत बातें कहते हैं, नस्लवादी बातें करते हैं तो देश में हिंसा भड़क सकती है।
बुधवार तड़के न्यू हैम्पशायर के विंडहैम में वोटिंग करतीं दो महिलाएं। यहां वोटिंग के लिए मास्क मेंडेटरी था।

हिंसा की आशंका
अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले यूएस नेशनल गार्ड को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। 18 राज्यों में चुनावी हिंसा या झड़पों की आशंका जताई गई है। करीब 4700 गार्ड्स को तैनात किया जा सकता है। सायबर डिफेंस एजेंसी को भी मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। मिलिट्री टाइम्स ने इस बारे में एक रिपोर्ट जारी की है।

फ्लोरिडा के डोरल में पोस्टल बैलट को काउंटिंग से पहले अरेंज करती इलेक्शन सुपरवाइजर।
  • न्यूज एजेंसी ने फॉक्स न्यूज के हवाले से बताया है कि इंडियाना में अब तक ट्रम्प को 65.7% जबकि बाइडेन को 32.6% वोट मिले हैं। न्यू हैम्पशायर में ट्रम्प को 61.5% जबकि बाइडेन को 38.5% वोट मिल चुके हैं। ट्रम्प ने एक ट्वीट में कहा- देश में सब अच्छा दिखाई दे रहा है। शुक्रिया।
  • कोरोना से मौत के बाद भी चुनावी जीत: नॉर्थ डकोटा स्टेट लेजिस्लेटिव के कैंडिडेट डेविड एंधाल (55) मौत के बाद भी चुनाव जीत गए। डेविड रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर स्टेट लेजिस्लेटिव का चुनाव लड़े थे। इस राज्य में से दो प्रतिनिधि चुने गए हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, अक्टूबर में डेविड को कोरोना हुआ था। वे ठीक हो गए थे। चुनाव भी लड़े। लेकिन, संक्रमण की वजह से कमजोर थे। चार दिन पहले उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

चुनाव के मुख्य मुद्दे

  • कोरोनावायरस
  • इकोनॉमी
  • हेल्थ सेक्टर रिफॉर्म्स
  • फॉरेन पॉलिसी
  • नस्लवाद और पुलिस सुधार

डोनाल्ड ट्रम्प vs जो बाइडेन

  • टम्प 74 साल के हैं और बाइडेन उनसे 3 साल बड़े यानी 77 साल के हैं।
  • ट्रम्प कारोबारी से नेता बने। बाइडेन 1973 में ही सीनेटर बन गए थे।
  • ट्रम्प प्रोटेस्टेंट हैं। बाइडेन रोमन कैथोलिक।
  • ट्रम्प ने 3 जबकि बाइडेन ने 2 शादियां कीं। बाइडेन की एक पत्नी का निधन हो चुका है।
  • ट्रम्प के 5 और बाइडेन के 4 बच्चे हैं। एक बेटे की मौत हो चुकी है।
  • ट्रम्प की वेबसाइट (www.donaldjtrump.com) और बाइडेन की (www.joebiden.com) है।

आगे क्या होगा?

  • आज सुबह (4 नवंबर सुबह 5 बजे करीब) काउंटिंग शुरू हुई। दो राज्यों में 13 नवंबर तक पोस्टल बैलट मिलेंगे।
  • लैंडस्लाइड मार्जिन रहा तो बुधवार को ही नतीजे साफ हो सकेंगे। मार्जिन कम रहा तो मामला टल जाएगा। 10 नवंबर से 8 दिसंबर तक सर्टिफिकेशन प्रॉसेस चलेगा। यानी इलेक्टर्स के नतीजों की औपचारिक घोषणा। 14 दिसंबर को इलेक्टर्स वोटिंग करेंगे। 6 जनवरी को इनकी गिनती होगी। 20 जनवरी को नया राष्ट्रपति शपथ लेगा।

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