फ्रांस, अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे एक्टिव केस, भारत में ऐसे मरीजों की संख्या घट रही; दुनिया में अब तक 4.27 करोड़ केस


दुनिया के कई देशों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर फ्रांस और अमेरिका में देखने को मिल रहा है। यहां एक्टिव मामलों में भी रफ्तार आई है। अब हर दिन करीब 20 से 25 हजार नए एक्टिव केस बढ़ रहे हैं। इसके उलट भारत में रोजाना 10 से 20 हजार के बीच एक्टिव मामले कम हो रहे हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेस्टिव सीजन और ठंड के मौसम में भारत के आंकड़ों में भी तेजी देखने को मिल सकती है।

दुनिया में अब तक 4 करोड़ 27 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 11 लाख 52 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 करोड़ मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है। 3 करोड़ 15 लाख लोग अब तक रिकवर हो चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक्टिव मामलों में 1% यानी 76,942 मरीज ऐसे हैं जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बाकी 99% यानी 99 लाख मरीज हल्के लक्षण वाले हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं।

यूरोप में नाइट कर्फ्यू, लोगों ने किया बवाल

यूरोप के 44 देशों में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। लैटिन अमेरिका के बाद ढाई लाख मौतों को पार करने वाला यूरोप दुनिया का दूसरा महाद्वीप बन गया है। इस कारण 10 से ज्यादा देशों में लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। लेकिन गंभीर हालातों के बावजूद लोग इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार देर रात कुछ शहरों में लोगों ने आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। बार और रेस्तरां चलाने वाले लॉकडाउन हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस लॉकडाउन के कारण हमारी भूखों मरने की नौबत आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप ढाई लाख मौतों में दो तिहाई हिस्सा ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, रूस, बेल्जियम और स्पेन का है।

बेल्जियम में अब बेहद सख्त लॉकडाउन होगा
कोरोनावायरस शुरू होने के बाद बेल्जियम सरकार दूसरी बार नेशनल लॉकडाउन लगाने जा रही है। इस बार लॉकडाउन पहले की तुलना में ज्यादा सख्त होगा। सरकार ने फिलहाल अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। इसके साथ ही नॉन अर्जेंट सर्जरीज टालने का फैसला भी किया है। इसका मकसद अस्पतालों में भीड़ कम करना और बेड खाली रखना है।

नए प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर डी क्रू ने कहा- इसके अलावा कोई रास्ता भी नहीं है। हमें अपने सिस्टम को बेहद जल्द दुरुस्त करना होगा। सभी तरह के इवेंट्स रद्द कर दिए गए हैं। पार्कों को बंद कर दिया गया है। कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी किए जा चुके हैं। सभी तरह के होटल, बार और रेस्टोरेंट्स भी बंद हैं।

अमेरिका में बढ़ सकती हैं मौतें
एक नई स्टडी में कहा गया है कि अमेरिका में फरवरी तक संक्रमण से मौतों की संख्या पांच लाख के पार हो सकती है। अमेरिकी चुनाव में यह सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसको लेकर दबाव में हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन ने एक रिसर्च में कहा है कि दूसरी लहर पर काबू नहीं पाया गया तो पांच लाख 11 हजार लोगों की जान जा सकती है। स्टडी के मुताबिक, अगर सावधानी नहीं बरती गई और वैक्सीन नहीं आई तो तीन लाख और लोग जान गंवा सकते हैं। और ऐसा होने में महज चार महीने लगेंगे।

अमेरिका के मिलवाउकी में शुक्रवार को हाईवे पर एक महिला का सैम्पल लेता हेल्थ वर्कर। एक स्टडी में दावा किया गया है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो अमेरिका में फरवरी तक संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा पांच लाख तक जा सकता है।

फ्रांस में दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित होगी
फ्रांस की हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर पहली के मुकाबले ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। इससे निपटने के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार किया गया है। इसके अलावा अस्पतालों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। देश के 9 शहरों में पहले ही नाइट कर्फ्यू था। अब इसे कुछ और क्षेत्रों में लगाने की तैयारी भी की जा चुकी है। शुक्रवार को यहां 43 हजार नए मामले मिले थे। शनिवार को यह आंकड़ा कुछ कम होकर 41 हजार पर आ गया। हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।

स्पेन में 34 हजार लोगों की मौत
पश्चिमी यूरोप में स्पेन ऐसा पहला देश है, जहां संक्रमितों की संख्या अब 10 लाख से ज्यादा हो गई है। सरकार ने भी साफ कर दिया है कि दूसरी लहर के ज्यादा घातक साबित होने की आशंका है, लिहाजा सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे। दूसरी तरफ, फ्रांस में भी यही हालात हैं। यहां भी 10 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 9 शहरों में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद हालात कुछ सुधरे हैं। पहले एक दिन में करीब 40 हजार तक मामले सामने आए थे। बुधवार को यहां 25 हजार नए केस सामने आए।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


फोटो अमेरिका की है। यहां कोरोना के चलते ऑटो पार्ट्स का प्लांट बंद हो चुका है। कर्मचारियों ने शनिवार को फिर से काम शुरू कराने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *