अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने Google के खिलाफ लैंडमार्क एंटी ट्रस्ट का केस किया


अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने Google पर सर्च और विज्ञापन को लेकर गैरकानूनी तरीके से एकाधिकार बनाए रखने का आरोप लगाया है। इसे लेकर जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 राज्यों ने वॉशिंगटन डी.सी. के फेडरल कोर्ट में मंगलवार को मुकदमा दायर किया। एजेंसी ने Google पर आरोप लगाया कि उसने एक्सक्लूसिव बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट्स और एग्रीमेंट कर अपने प्रतिस्पर्धियों को नुकसान पहुंचाया है।

मुकदमे में कहा गया है कि Google ने एपल को आईफोन में डिफॉल्ट सर्च इंजन Google को बनाए रखने के लिए उसे अरबों डॉलर का भुगतान किया था। अपने एकाधिकार को बनाए रखने के लिए उसने ऐसे कॉन्ट्रैक्ट्स का इस्तेमाल किया।

Google का जवाब

Google ने अपने ऊपर चल रहे मुकदमे पर जवाब दिया। अपनी वेबसाइट पर स्टेटमेंट जारी कर Google ने कहा कि इस मुकदमे से कंज्यूमर को कोई फायदा नहीं होने वाला है। इससे लोअर क्वालिटी सर्च अल्टरनेटिव अपने आप सर्च में ऊपर हो जाएंगे। इससे फोन के दाम बढ़ेंगे और लोगों को मनपसंद चीजें सर्च करने में समस्याएं आएंगी।

सात अन्य राज्य भी मुकदमा कर सकते हैं

उधर, न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने मंगलवार को घोषणा की कि सात राज्यों में जल्द ही Google के खिलाफ एक अलग एंटी ट्रस्ट मुकदमा दायर किया जा सकता है। यह उन 11 राज्यों के अलावा है, जिन्होंने Google के खिलाफ अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के साथ मिलकर मुकदमा दायर किया।

यह मुकदमा निर्णायक साबित हो सकता है

माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी 20 साल पहले ऐसा मुकदमा किया गया था। उसके बाद Google का मामला जमीनी स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बचाने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया जरूरी कदम है। यह मुकदमा सरकार के अन्य एंटी ट्रस्ट एक्शन से पहले एक प्रारंभिक जीत हो सकती है। जस्टिस डिपार्टमेंट और संघीय ट्रेड कमिशन में एपल, अमेजन और फेसबुक सहित प्रमुख तकनीकी कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए यह मुकदमा निर्णायक साबित हो सकता है।

Google की मूल कंपनी एल्फाबेट इंक है

लॉ मेकर्स और उपभोक्ता एडवोकेट ने Google की कॉर्पोरेट कंपनी अल्फाबेट इंक ऑनलाइन सर्च और विज्ञापन में अपने डोमिन का दुरुपयोग करने और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। बता दें कि Google की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक है और इसका बाजार मूल्य 1,000 अरब डॉलर से ज्यादा है।

Google ने हटाए 3,000 फेक यूट्यूब चैनल

उधर Google ने जुलाई से सितंबर तक की अवधि में 3,000 से ज्यादा ऐसे फेक YouTube चैनल हटाए हैं, जो चीन से संबंधित एक बड़े स्पैम नेटवर्क का हिस्सा रहे थे। इनके द्वारा अपने चैनल पर अमेरिकी चुनाव को प्रभावित किए जाने संबंधी अभियानों को संचालित किया जा रहा था। कंपनी द्वारा इनका सफाया किए जाने के परिणामस्वरूप अब ये अपने चैनल पर दर्शक जुटा पाने में असमर्थ हैं।

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अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के साथ 11 राज्यों ने गूगल के खिलाफ एंटीट्रस्ट का मुकदमा किया।

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