8 निलंबित सांसद पूरी रात धरने पर रहे; सुबह उपसभापति चाय लेकर पहुंचे तो सांसदों ने मना कर दिया; 2 बार बिहार का जिक्र कर मोदी बोले- हरिवंश जी बड़े दिल वाले हैं


कृषि बिलों के विरोध में हंगामा करने पर राज्यसभा से निलंबित 8 विपक्षी सांसद रातभर धरने पर बैठे रहे, धरना अब भी जारी है। कई नेताओं ने बताया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब संसद परिसर में रातभर प्रदर्शन चला हो। हालांकि, विधानसभाओं में ऐसा होता रहा है। धरना दे रहे सांसदों के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश आज सुबह की चाय लेकर पहुंचे, लेकिन सांसदों ने उनकी चाय पीने से मना कर दिया।

दिलचस्प बात ये भी है कि उपसभापति से असंसदीय व्यवहार करने की वजह से ही सांसदों को निलंबित किया गया है। इन सांसदों ने रविवार को कृषि बिलों के विरोध में राज्यसभा में हंगामा किया था। सदन की रूलबुक फाड़ दी और माइक तोड़ने की कोशिश भी की थी।

मोदी ने 2 बार बिहार का जिक्र कर कहा- हरिवंश जी से प्रेरणा मिलती है
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कह, “हरिवंश जी उन लोगों के लिए चाय लेकर पहुंचे, जिन्होंने कुछ दिन पहले उन पर हमला किया, उन्हें बेइज्जत किया। इससे पता चलता है कि हरिवंश जी कितने विनम्र और बड़े दिल वाले हैं। मैं देश की जनता के साथ उन्हें बधाई देता हूं।”

मोदी ने दूसरे ट्वीट में कहा “बिहार की महान धरती सदियों से हमें लोकतंत्र के मूल्यों की सीख दे रही है। इस खूबसूरत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बिहार के सांसदों और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी हमें प्रेरणा दे रहे हैं। आज सुबह उन्होंने जो किया, उससे लोकतंत्र से प्यार करने वाले हर आदमी को गर्व होगा।”

हंगामे, धरने के जवाब में हरिवंश 24 घंटे का उपवास रखेंगे
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सभापति वेंकैया नायडू को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने सदन के विपक्ष के रवैए से हुए अपमान पर दुख जताया है। इसके विरोध में उन्होंने 24 घंटे का उपवास रखने का ऐलान किया है।

आप के सांसद ने कहा- किसान विरोधी कानून बिना वोटिंग पास हुआ
आप के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर कह, “यह व्यक्तिगत रिश्ते निभाने का वक्त नहीं है। हम किसानों के लिए धरने पर बैठे हैं। उपसभापति जी मिलने आए, हमने उनसे भी कहा कि संविधान को ताक पर रखकर किसान विरोधी काला कानून बिना वोटिंग के पास किया गया, जबकि भाजपा अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये जिम्मेदार हैं।”

2 सांसदों की उम्र 65 से ज्यादा, डायबिटिक भी हैं
धरने पर बैठे सांसदों ने अपने-अपने घरों से तकिया और कंबल ही नहीं, बल्कि मच्छर भगाने की दवा भी मंगवा ली। इमरजेंसी के लिए मौके पर एक एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। उनकी बड़ी चिंता अपने दो साथियों- कांग्रेस के रिपुन बोरा और सीपीआई के ई करीम को लेकर है, क्योंकि दोनों की उम्र 65 साल से ज्यादा है और दोनों ही डायबिटीज के पेशेंट हैं।

इन 8 सांसदों का निलंबन हुआ है

  • डेरेक ओ’ब्रायन- तृणमूल
  • डोला सेन- तृणमूल
  • रिपुन बोरा- कांग्रेस
  • राजीव सातव- कांग्रेस
  • सैयद नजीर- कांग्रेस
  • संजय सिंह- आप
  • ई करीम- सीपीआई
  • केके रागेश- सीपीआई

दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं के घर से खाना आया
सस्पेंड हुए सांसदों को सपोर्ट करने के लिए सोमवार रात दूसरे विपक्षी दलों के सांसद भी पहुंचे। एक सांसद ने बताया कि विपक्ष के नेताओं के घरों से बारी-बारी से खाने-पीने की चीजें आ रही हैं, ताकि धरने पर बैठे लोगों का शुगर लेवल कम नहीं हो। शिवसेना के संजय राउत, एनसीपी की सुप्रिया सुले, डीएमके की कनिमोझी और तिरुचि सिवा धरना दे रहे सांसदों के लिए इडली लेकर पहुंचे।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


निलंबित सांसदों का धरना जारी है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश उनके लिए सुबह की चाय लेकर पहुंचे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *